अध्याय 123

आर्थर की उँगलियाँ मेज़ पर लय में थपथपा रही थीं। कमरे पर फिर से सन्नाटा छा गया था, और उसके चेहरे के भाव ऐसे थे जैसे पढ़े ही न जा सकें।

उसका असिस्टेंट उस घुटन भरे माहौल से भाग निकलने की तीव्र इच्छा को किसी तरह दबाए हुए था।

इसी बीच एक फ़ोन कॉल मानो राहत बनकर आई।

आर्थर की स्क्रीन पर लैला का नाम चमका।...

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